आँखों के ख़्वाबों में
तुम ही नज़र आ रहे हो, जाने क्यूँ
धड़कन की धक-धक भी
तुम ही सुने जा रहे हो, जाने क्यूँ
आधी-अधूरी जो बातें तेरी हैं
वो पूरी लगे क्यूँ?
दिल की तसल्ली और अल्फ़ाज़
मेरे अधूरे लगे क्यूँ?
रोक दूँ वक़्त को एक जगह
थाम लूँ बारिशें मैं बे-वजह
ये पागलपन है 'गर कोई तो हम पागल सही
तुम्हें चाहना है पागलपन तो हम पागल सही
ये पागलपन है 'गर कोई तो हम पागल सही
तुम्हें चाहना है पागलपन तो हम पागल सही
कह रहा दिल जो तू सुन ना सके
सुन रहा दिल जो भी तू ना कहे
कह रहा दिल जो तू सुन ना सके
सुन रहा दिल जो भी तू ना कहे
जानता है, सच कहे ना कहे
नासमझ ये मानता भी नहीं
रोक दूँ वक़्त को किसी तरह
थाम लूँ बारिशें मैं बे-वजह
ये पागलपन है 'गर कोई तो हम पागल सही
तुम्हें चाहना है पागलपन तो हम पागल सही
ये पागलपन है 'गर कोई तो हम पागल सही
तुम्हें चाहना है पागलपन तो हम पागल सही
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