JalRaj – Mere Bin Lyrics

यादों की कश्ती में उस पार जो जाओगे
रह ना सकोगे मेरे बिन
मेरी इस धड़कन को जो ना सुन पाओगे
रह ना सकोगे मेरे बिन

आँसुओं में रहूँगा मैं बन के नमी
सब्र बन के तेरा मैं नज़र आऊँगा
अनकहे से, अनसुने से ख़ाबों की तरह
मैं हर पल, हर लम्हे तेरे सिरहाने रहता हूँ
जो पूछे तू मुझ से मेरे ना होने की वजह
तो तुझ से ना मिलने के १०० बहाने देता हूँ

खुशियों के धागों से तुम ना बुन पाओगे
वो दिन, वो रातें मेरे बिन
धड़कन की स्याही से तुम ना लिख पाओगे
वो सारी बातें मेरे बिन

आँसुओं में रहूँगा मैं बन के नमी
सब्र बन के तेरा मैं नज़र आऊँगा
अनकहे से, अनसुने से ख़ाबों की तरह
मैं हर पल, हर लम्हे तेरे सिरहाने रहता हूँ
जो पूछे तू मुझ से मेरे ना होने की वजह
तो तुझ से ना मिलने के १०० बहाने देता हूँ

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