Pratsofficial – Mannmarziyan Lyrics

आँखों से आँखें मिला के
क्या-क्या कह गई!
दूर ना जा तू ऐसे
आँखें बह गई

मदहोश हूँ मैं, बेहोश हूँ मैं
ज़रूरत है मुझको तेरी
जाने क्या-क्या कह रहा हूँ!
बातों पर ग़ौर कर मेरी

मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
लम्हें भर ठहर जाना तू
मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
बाहों में रह के आँखें भर लूँ
मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
लम्हें भर ठहर जाना तू
मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
बाहों में रह के आँखें भर लूँ

ਹੰਝੂਆਂ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਸਮਝਾਵਾਂ ਮੈਂ?
ਕਿਵੇਂ ਸਾਰੀ ਰਾਤਾਂ ਭੁੱਲ ਜਾਵਾਂ ਮੈਂ?
ਤੂੰ ਜੇ ਮੈਨੂੰ ਕਿਹਾ ਸੀ ਕੀ ਤੂੰ ਮੇਰੀ
ਰਿਸ਼ਤੇ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਹੁਣ ਬਚਾਵਾਂ ਮੈਂ?

फ़ासले क्यूँ हो रहे हैं?
साँसें हैं रुक सी गई
जाने क्या-क्या कह रहा हूँ!
बातों पर ग़ौर कर मेरी

मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
लम्हें भर ठहर जाना तू
मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
बाहों में रह के आँखें भर लूँ
मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
लम्हें भर ठहर जाना तू
मनमरज़ियाँ तो ये कह रहीं हैं
बाहों में रह के आँखें भर लूँ

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