हौले हौले से आँखें रोने लगी
नींद ना आई पार आँखें सोने लगी
साथ निभाए जो तू जन्मो ही जन्मो का तो यह
यारी यह जाएगी(यह जाएगी)
तकता रहूं तेरी निगाहों को दरबदर के
कुछ तो कह जाएगी(कह जाएगी)
दूर तू है या हम हो गये
फ़ासले थे या अब हो गये
जाने क्यूँ यह रिश्ते जो थे
ख़तम हो गये
ख़तम हो गये
क्या तेरी मेरी बातें अब मैं करूँ
क्यूँ आँखें बेवजह ही भरूं
जाने क्यूँ यह रिश्ते जो थे
ख़तम हो गये
ख़तम हो गये
तो क्या हुआ तू मेरा नही
कहूँ ना कोई बात मैं
फिरता रहूं आवारा
सारी की सारी रात मैं
साथ निभाए जो तू जन्मो ही जन्मो का तो यह
यारी यह जाएगी(यह जाएगी)
तकता रहूं तेरी निगाहों को दरबदर के
कुछ तो कह जाएगी(कह जाएगी)
दूर तू है या हम हो गये
फ़ासले थे या अब हो गये
जाने क्यूँ यह रिश्ते जो थे
ख़तम हो गये
ख़तम हो गये
क्या तेरी मेरी बातें अब मैं करूँ
क्यूँ आँखें बेवजह ही भरूं
जाने क्यूँ यह रिश्ते जो थे
ख़तम हो गये
ख़तम हो गये
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