Neyhal – Lamhe Zaroori Lyrics

जाना कहाँ?
कौन तू? कौन मैं?
आए कहाँ से, क्या पता
दौड़ रहे बे-वजह

क्या मतलब ज़िंदगी का?
क्या ख़ुशी का रास्ता?
कब मैं जिऊँगा, सोचता
ये सोचता

ये ज़िंदगी अनकही, अधूरी
तभी तो तेरे-मेरे ये लम्हें ज़रूरी
मंज़िल ना कोई
तभी तो तेरे-मेरे ये लम्हें ज़रूरी

थोड़ी शराब, चार यार, समाँ तैयार
कहानियों की तलाश
मक़्सद मोहब्बत, मेरे यार
मेरे यार

ये ज़िंदगी अनकही, अधूरी
तभी तो तेरे-मेरे ये लम्हें ज़रूरी
मंज़िल ना कोई
तभी तो तेरे-मेरे ये लम्हें ज़रूरी

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