Zubeen Garg – Ya Ali Lyrics

Folk

या अली रहम अली
या अली यार पे कुर्बान है सभी
या अली मदद अली
या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी
इश्क़ पे हां मिटा दूं लूटा दूं
मैं अपनी खुदी
यार पे हां लूटा दूं मिटा दूं
मैं ये हस्ती
या अली रहम अली
या अली यार पे कुर्बान है सभी
या अली मदद अली
या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी

मुझे कुछ पल दे कुरबत के
फ़क़ीर हम तेरी चाहत के
रहे बेचैन दिल कब तक
मिले कुछ पल तो राहत के
चाहत पे इश्क़ पे हां मिटा दूं लूटा दूं
मैं अपनी खुदी
यार पे हां लूटा दूं मिटा दूं
मैं ये हस्ती
या अली रहम अली
या अली यार पे कुर्बान है सभी
या अली मदद अली
या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी

बिना तेरे ना एक पल हो
ना बिन तेरे कभी कल हो
ये दिल बन जाए पत्थर का
ना इसमे कोई हलचल हो
सनम पे हां इश्क़ पे हां
मिटा दूं लूटा दूं
मैं अपनी खुदी
कसम से हां लूटा दूं मिटा दूं
मैं ये हस्ती
या अली रहम अली
या अली यार पे कुर्बान है सभी
या अली मदद अली
या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी

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