तेरी सारी बातों से मुझे लगता है ये क्यूँ? (क्यूँ?)
दिन में या रातों में बस तुझको ही देखूँ (यूँ)
जो तू चाहे पास आना, मैंने तो रोका ना
एक बारी आजा तू, दिल तुझको ही दे दूँ
लगता है ये क्यूँ, कोई ना देखे मैं तुझको देखूँ?
कहीं ना तुझे मैं ना जाने दूँ, पास आ (पास आ)
ऐसा क्या करूँ? जो बातें मेरी सारी मानें तू
चाहूँ मैं तुझे जैसे चाहे तू, पास आ
रुक जाना, मुड़ जाना, मिल जाना
तुझसे ही लगता है दिल, जानाँ
(मैं) समझाऊँ कैसे? (मैं) पास आऊँ कैसे?
एक बारी आजा तू, दिल तुझको ही दे दूँ
लगता है ये क्यूँ, कोई ना देखे मैं तुझको देखूँ?
कहीं ना तुझे मैं ना जाने दूँ, पास आ (पास आ)
ऐसा क्या करूँ? जो बातें मेरी सारी मानें तू
चाहूँ मैं तुझे जैसे चाहे तू, पास आ
तू पास आ
तू पास आ
तू पास आ
Comments (0)