Udit Narayan – Sitara Aankhen Lyrics

सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें
कभी शरारत, कभी मोहब्बत, हर एक पल इक इशारा आँखें
सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें
कभी शरारत, कभी मोहब्बत, हर एक पल इक इशारा आँखें
सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें

कभी ये आँखें हैं नीली झीलें, कभी ये ऑंखें हैं जाम जैसे
कभी ये आँखें हैं नीली झीलें, कभी ये ऑंखें हैं जाम जैसे
कभी हैं सुबहों सी उजली-उजली, कभी नशीली कि शाम जैसे

कभी नज़ारों को देखती हैं, कभी हैं ख़ुद इक नज़ारा आँखें
सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें
कभी शरारत, कभी मोहब्बत, हर एक पल इक इशारा आँखें
सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें

कभी ये आँखें जो मेहरबाँ हों तो मैं ज़रा सा ये काम कर लूँ
कभी ये आँखें जो मेहरबाँ हों तो मैं ज़रा सा ये काम कर लूँ
सलाम करने की आरज़ू है, इधर जो देखें, सलाम कर लूँ

मैं आँखों-आँखों में ये भी कह दूँ, ना होंगी ऐसी दोबारा आँखें
सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें
कभी शरारत, कभी मोहब्बत, हर एक पल इक इशारा आँखें
सितारों सी जगमगा रही हैं, तुम्हारी आँखें सितारा आँखें

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