मेरे ख़ाबों का हर एक नक़्श मिटा दे कोई
मेरे ख़ाबों का हर एक नक़्श मिटा दे कोई
सूखे पत्तों का बचा ढेर जला दे कोई
मेरे ख़ाबों का हर एक नक़्श मिटा दे कोई
मेरी पहचान का एक शख़्स इसी शहर में है
मेरी पहचान का एक शख़्स इसी शहर में है
मैं भी ज़िंदा हूँ, ज़रा उसको बता दे कोई
मेरे ख़ाबों का हर एक नक़्श मिटा दे कोई
कुछ तो तनहाई का एहसास मुझे कम होगा
कुछ तो तनहाई का एहसास मुझे कम होगा
मेरे साए से अगर मुझको मिला दे कोई
मेरे ख़ाबों का हर एक नक़्श मिटा दे कोई
सूखे पत्तों का बचा ढेर जला दे कोई
मेरे ख़ाबों का हर एक नक़्श मिटा दे कोई
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