मुझ को जब ऐसे देखती हो तुम
रंग भर जाते हैं फ़िज़ाओं में
कसमसाती है आरज़ू दिल में
गीत घुल जाते हैं हवाओं में
जादू भरी आँखों वाली सुनों
जादू भरी आँखों वाली सुनों
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
जादू भरी आँखों वाली सुनों
जादू भरी आँखों वाली सुनों
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
फिर मैं कोई उम्मीद करूँ, फिर मुझे कोई अरमाँ हो
फिर मैं कोई उम्मीद करूँ, फिर मुझे कोई अरमाँ हो
तुम शायद मेरी बन जाओ, फिर दिल को ऐसा गुमाँ हो
पर ऐसा ना हो तो अच्छा है, इन बातों में क्या रखा है?
मुझ को ऐसी उम्मीद ना दो
जादू भरी आँखों वाली सुनों
जादू भरी आँखों वाली सुनों
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
फिर धड़कन में तुम बस जाओ, फिर कोई ग़ज़ल मैं गाऊँ
फिर धड़कन में तुम बस जाओ, फिर कोई ग़ज़ल मैं गाऊँ
फिर चाँद में तुम को मैं देखूँ, फूलों में तुम को पाऊँ
पर ऐसा ना हो तो अच्छा है, इस का अंजाम जो होता है
वो दर्द ही देता है दिल को
जादू भरी आँखों वाली सुनों
जादू भरी आँखों वाली सुनों
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
तुम ऐसे मुझे देखा ना करो
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