Udit Narayan – Ghar Se Nikalte Lyrics

हम्म म म हम्म हम्म म म हम्म
घर से निकलते ही, कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
कल सुबह देखा तो बाल बनाती वो
खिड़की में आयी नज़र
घर से निकलते ही, कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
कल सुबह देखा तो बाल बनाती वो
खिड़की में आयी नज़र
घर से निकलते ही
आ आ आ आ आ
मासूम चहरा, नीची निगाहें
भोली सी लड़की, भोली अदायें
ना अप्सरा है, ना वो परी है
लेकिन यह उसकी जादूगरी है
दीवाना कर दे वो, एक रँग भर दे वो
शर्मा के देखे जिधर
घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
आ आ आ आ
करता हूँ उसके घर के मैं फेरे
हँसने लगे हैं अब दोस्त मेरे
सच केह रहा हूँ, उसकी कसम है
मैं फिर भी खुश हूँ, बस एक ग़म है
जिसे प्यार करता हूँ, मैं जिसपे मरता हूँ
उसको नहीं है खबर
घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
आ आ आ आ
लड़की है जैसे, कोई पहेली
कल जो मिली मुझको उसकी सहेली
मैंने कहा उसको, जाके ये कहना
अच्छा नहीं है, यूँ दूर रहना
कल शाम निकले वो, घर से टेहलेने को
मिलना जो चाहे अगर
घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही
रस्ते में है उसका घर
कल सुबह देखा तो बाल बनाती वो
खिड़की में आयी नज़र

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