Udit Narayan – Falak Dekhun Lyrics

फ़लक देखूँ, ज़मीं देखूँ
जहाँ देखूँ तेरा चेहरा वहीँ देखूँ
हर एक मंज़र, तेरा मंज़र
वो क्या मंज़र जहाँ तुझको नहीं देखूँ

फ़लक देखूँ, ज़मीं देखूँ
जहाँ देखूँ तेरा चेहरा वहीँ देखूँ
जलवा ये तेरा मेरी जान है चारो सु

है किसने तराशा ये बदन मरमरी सा
ये ख़्वाबों भरी आँखें, ये चेहरा परी सा
है किसने तराशा ये बदन मरमरी सा
ये ख़्वाबों भरी आँखें, ये चेहरा परी सा
तू ही मेरा हासिल है, तू ही आरज़ू

बहारों को, नज़ारों को
सितारों को जो तू ना हो नहीं देखूँ
फ़लक देखूँ, ज़मीं देखूँ
जहाँ देखूँ तेरा चेहरा वहीँ देखूँ

छलकता है पलकों से, ये कैसा नशा है?
नहीं होश में कोई, क्या दिलकश समां है
छलकता है पलकों से, ये कैसा नशा है?
नहीं होश में कोई, क्या दिलकश समां है
तेरा नूर छाया है, तेरा ही जुनूँ

ओ, जाने अदा, तेरे जैसा
नहीं मुमकिन कहीं कोई हसीं देखूँ
फ़लक देखूँ, ज़मीं देखूँ
जहाँ देखूँ तेरा चेहरा वहीँ देखूँ
हर एक मंज़र, तेरा मंज़र
वो क्या मंज़र जहाँ तुझको नहीं देखूँ
जलवा ये तेरा मेरी जान है चारो सु

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