ऐ मेरे दिल, भीगी हवा आई नदी में नहा के
सोचा ना कर, ऐसे ना डर, साँसों में भर इसे
मीठा सा पल बाग़ों में कल लाया शहद को चुरा के
बोले गगन, "हो के मगन, जी ले ज़रा इसे"
पानी की बूँद से जो लौ जली, तेरी है रे
बूढ़े piano से जो धुन चली, तेरी है रे, हाँ, hmm
ऐ मेरे दिल, भीगी हवा आई नदी में नहा के
सोचा ना कर, ऐसे ना डर, साँसों में भर इसे
सीधी है सीढ़ी, चढ़ ले
ख़्वाबों का ख़त है, पढ़ ले
थोड़ा सा आगे बढ़ ले, राही रे
तेरे बादाम से दिल का ज़रा उतार ले छिलका
तू है नसीबों का Milkha, राही रे
सिली सुबह हदों को तोड़ के आई है रे, हाँ-हाँ
तारों की रोशनी निचोड़ के लाई है रे
ऐ मेरे दिल, भीगी हवा आई नदी में नहा के
सोचा ना कर, ऐसे ना डर, साँसों में भर इसे
सोचा ना कर, ऐसे ना डर, साँसों में भर इसे
सीधी है सीढ़ी, चढ़ ले
ख़्वाबों का ख़त है, पढ़ ले
थोड़ा सा आगे बढ़ ले, राही रे
तेरे बादाम से दिल का ज़रा उतार ले छिलका
तू है नसीबों का Milkha, राही रे
सीधी है सीढ़ी, चढ़ ले
ख़्वाबों का ख़त है, पढ़ ले
थोड़ा सा आगे बढ़ ले, राही रे
तेरे बादाम से दिल का ज़रा उतार ले छिलका
तू है नसीबों का Milkha, राही रे
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