लफ़्ज़ है तू मेरी हर दुआ
ज़िस्म है तू रुह में बसा
इश्क़ मुझे तुझसे ही मिला
तू मेरा मंज़िल, मेरा आशियां
तू खुशी में है मेरे
तू है अगर, तो जहां है
दर्द में तू दवा है
तू ही मेरा आसरा
रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा
तू खुशी में है मेरे
तू है अगर, तो जहां है
दर्द में तू दवा है
तू ही मेरा आसरा
रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा, हाँ रुहमा
हर सुकूं मुझको मिला तुमसे, तुमसे
साँसों में हर पल, तू रहा अब से, कब से?
इल्तजा है ये रब से, खुश रहे तू हर दम पे
ज़िंदगी मेरी अब हवाले तेरे कर दी मेरे हमनवा
रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा, आ रुहमा
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