Sunil Kamath – Ruhama Lyrics

लफ़्ज़ है तू मेरी हर दुआ
ज़िस्म है तू रुह में बसा
इश्क़ मुझे तुझसे ही मिला
तू मेरा मंज़िल, मेरा आशियां

तू खुशी में है मेरे
तू है अगर, तो जहां है
दर्द में तू दवा है
तू ही मेरा आसरा

रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा

तू खुशी में है मेरे
तू है अगर, तो जहां है
दर्द में तू दवा है
तू ही मेरा आसरा

रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा, हाँ रुहमा

हर सुकूं मुझको मिला तुमसे, तुमसे
साँसों में हर पल, तू रहा अब से, कब से?
इल्तजा है ये रब से, खुश रहे तू हर दम पे
ज़िंदगी मेरी अब हवाले तेरे कर दी मेरे हमनवा

रुहमा, हाँ रुहमा
रुहमा, आ रुहमा

Comments (0)