दो का चार तेरे लिए १६
तू ज़र्दे की हिचकी, गुलकंद का तोला
तू मीठा पान, मैं कत्था कोरिया
देखा जो तुझ को, मेरा दिल ये बोला
तू राजदुलारी, मैं शंभु भोला
तू मनमोहिनी, मेरा बैरागी चोला
तू तेज़ चिंगारी, मैं चरस का झोला
तू मीठी रूह अफ़ज़ा, मैं बर्फ़ का गोला
उड़ती है खुशबू की मानी
होता नशा ज़ाफ़रानी
मैं बेतोड़ दर्द की कहानी
तू ही तो है मेरा मलहम यूनानी
दो का चार तेरे लिए ३६
देखूँ जो तुझ को, हो जाता हूँ ३२
दो का चार तेरे लिए १६
देख के ही तुझ को, मेरा ये दिल बोला
मजनूँ है सर पे सँवार
कलेजे पे चलती कटार
हाय, तेरी नीली कुरती, लाल फ़ीता
तू आती तो आती बहार
दो का चार तेरे लिए गल्ला
तू ही तो अल्लाह, तू ही मोहल्ला
दो का चार तेरे लिए १६
देखा जो तुझ को, मेरा दिल ये बोला, हाय
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