बेख़ुदी में जहाँ खोया, सोया
कल की किस को है ख़बर
हाँ, बेख़ुदी में जहाँ खोया, सोया
कल की किस को है ख़बर
तक़दीर कल की किताब है
सारा लिखा उसमें हिसाब है
क्या ख़बर, वो कल की हवा
चले किस तरफ़, क्या पता
जोड़ दे, तोड़ दे ज़िंदगी
क्या ख़बर, वो कल की हवा
चले किस तरफ़, क्या पता
जोड़ दे, तोड़ दे ज़िंदगी
गुमसुम ज़मीं, चुप आसमाँ
ख़ामोश है जहाँ
मद्धम सा है कैसा नशा?
बेहोश है समाँ
हर दिल यहाँ धड़कनों का साज़ है
जो हो सके, सुन धड़कनें तेरी आवाज़ है
बेख़ुदी में जहाँ खोया, सोया
कल की किस को है ख़बर
हाँ, बेख़ुदी में जहाँ खोया, सोया
कल की किस को है ख़बर
तक़दीर कल की किताब है
सारा लिखा उसमें हिसाब है
क्या ख़बर, वो कल की हवा
चले किस तरफ़, क्या पता
जोड़ दे, तोड़ दे ज़िंदगी
क्या ख़बर, वो कल की हवा
चले किस तरफ़, क्या पता
जोड़ दे, तोड़ दे ज़िंदगी
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