भूलूँ कैसे
जैसे हम मिले
तेरी ही जागी है याद तबसे
रातों को नींद आये कैसे
यह जो बढ़ रहा है
नशा तेरा मेरे दिल में
बढ़ रहा है
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
तुझको ही तोह
सोचूं मैं हर लम्हा
जबसे मिला हूँ
तेरी ही है खुशबू यहां
बस मिलती रहे तू मुझसे बार बार
यह जो बढ़ रहा है
नशा तेरा मेरे दिल में
बढ़ रहा है...
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
जानता था
तू आएगी एक दिन
पागल सा हो गया हूँ
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