ਮਾਹੀਆ ਵੇ, ਵੇ ਸੋਹਣਾ-ਸੋਹਣਾ ਮਾਹੀਆ
ਮਾਹੀਆ ਵੇ, ਸੋਹਣਾ ਮਾਹੀਆ
ਮਾਹੀਆ ਵੇ, ਵੇ ਸੋਹਣਾ-ਸੋਹਣਾ ਮਾਹੀਆ
ਮਾਹੀਆ ਵੇ, ਸੋਹਣਾ ਮਾਹੀਆ
मौसम के देखो इशारे, कितने हसीं है नज़ारे
Hmm, मौसम के देखो इशारे, कितने हसीं है नज़ारे
फूलों पे शबनम के मोती, रब ने ज़मीं पे उतारे
सोचूँ तुम्हें, चाहूँ तुम्हें, देखूँ तुम्हें
तो दुनिया हसीं लगती है
सुबह तो आएगी, लाएगी किरणों को
Hmm, सुबह तो आएगी, लाएगी किरणों को
रंगों की महफ़िल में खोलो तो नैनों को
देखो ये हवाएँ कैसी चंचल
चुपके से खींचे तेरा आँचल
मौसम ने कुछ तो सुन लिया है
कुछ तो कहती है तेरी पायल
सोचूँ तुम्हें, चाहूँ तुम्हें, देखूँ तुम्हें
तो दुनिया हसीं लगती है
जीने की ख़्वाहिश है, जीना तो मुमकिन है
Hmm, जीने की ख़्वाहिश है, जीना तो मुमकिन है
फिर कैसी मुश्क़िल है? फिर कैसी उलझन है?
डर के जीने में क्या मज़ा है?
होगा तो वो ही जो लिखा है
"भर लो बाँहों में सारी ख़ुशियाँ"
हर पल ये हमसे कह रहा है
सोचूँ तुम्हें, चाहूँ तुम्हें, देखूँ तुम्हें
तो दुनिया हसीं लगती है
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