कैसे दिखलाऊँ ऐ चंदा, दाग मैं दिल के?
कैसे तुझको दूँ दिलासा? खुद हूँ मुश्किल में
तारा-तारा है तुम्हारा, मैं अकेला हूँ
आज की रैना ऐ चंदा, दिल से लग जा तू

कैसे बतलाऊँ ऐ चंदा, दूर हूँ घर से?
कैसे तुझको दूँ मैं रस्ता? चूर हूँ थक के
मारा-मारा मैं बेचारा दर-ब-दर यूँ हूँ
आज की रैना ऐ चंदा, दिल से लग जा तू

मेरा चंदा तू, दिल से लगा चंदा तू
मेरा चंदा तू, दिल से लगा चंदा तू
मेरा चंदा तू, दिल से लगा चंदा तू
मेरा चंदा तू, दिल से लगा चंदा तू

चलते-चलते दिन ये गया
रातें क्यूँ बोलो कटती नहीं
सूनी-सूनी अखियाँ मेरी ये
आता सुकूँ एक पल नहीं

ढलते-ढलते दिल ये गया
यादें क्यूँ बोलो ढलती नहीं
भूली-भटकी गलियाँ तेरी ये
आती कभी मुझ तक नहीं

सपने तेरे फिर भी पलकों तले झाँकें
सपने तेरे फिर भी नींदों तले जागें

मेरा चंदा तू, दिल से लगा चंदा तू
मेरा चंदा तू, दिल से लगा चंदा तू

Comments (0)