Prateek Kuhad – Khone Do Lyrics

Folk

लफ़्ज़ों की नज़ाकत तो देखो
अदाओं की शरारत तो देखो
खोया मैं, खोई हो तुम
मेरे मन की हर चाहत हो तुम

बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो
बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो

तेरे दिल की ये साज़िश है
क्या नज़र की इजाज़त है?
रुकी हुई है हर घड़ी
तेरी आँखों की धुन में छुपी

बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो
बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो

किसी कल की अधूरी कहानी
किसी रोज़ का मामला
कहाँ हूँ मैं? कहाँ हो तुम?
इन साँसों की चादर में गुम

बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो
बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो

बाँहों में, बाँहों में खोने दो
इस पल की आदत है, होने दो

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