मेरा सहारा
रोशनी हो तुम, hmm
अधूरी सी धुन ही सही
मुझे गाकर सुनाओ ना
चेहरा तुम्हारा
और तुम्हारी हँसी, hmm
कमज़ोर हो जाता हूँ
मेरे मन को सँभालो ना
अब दिन तेरे तो मेरी रातें हैं
मेरी चाँदनी क्यूँ दूर हो
तुम मुझसे, सूनी बाँहें हैं
मेरी शायरी हो सिर्फ़ तुम
कोशिश तो मैंने पूरी थी करी
फिर क्यूँ
हम दोनों के ही दिल
किन कोनों में जा छुपे हैं
क़िस्मत में थे जो दिन
उन्हें भूल ना जाना तुम
यादें हैं शीशों सी
गिर कर बिखर जाएँगी
तस्वीरें खो जाएँ तो
मुझे भूल ना जाना तुम
वो सिलवटें जो चादरों में थी
तुम मेरे दिल से खेलो नहीं
मुझे बाँहों में अब ले लो ना
अब दिन तेरे तो मेरी रातें हैं
मेरी चाँदनी क्यूँ दूर हो
तुम मुझसे, सूनी बाँहें हैं
मेरी शायरी हो सिर्फ़ तुम
इन राहों पे हम
गुम गए हैं क्यूँ? Hmm
और हो सके तो तुम
मेरा नाम लिख लेना
किसी कोरे काग़ज़ पे
उसे साथ रख लेना
मेरा मुस्कुराना
याद रख लेना तुम
हम दोनों के ही दिल
किन कोनों में जा छुपे हैं
क़िस्मत में थे जो दिन
उन्हें भूल ना जाना तुम
यादें हैं शीशों सी
गिर कर बिखर जाएँगी
तस्वीरें खो जाएँ तो
मुझे भूल ना जाना तुम
मुझे भूल ना जाना तुम
मुझे भूल ना जाना तुम
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