Mohammed Rafi – Taarif Karoon Lyrics

ये चाँद सा रोशन चेहरा
ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा
ये झील सी नीली आँखें
कोई राज़ है इनमें गहरा

ये चाँद सा रोशन चेहरा
ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा
ये झील सी नीली आँखें
कोई राज़ है इनमें गहरा

तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?

"इक चीज़ क़यामत भी है," लोगों से सुना करते थे
तुम्हें देख के मैंने माना, वो ठीक कहा करते थे
वो ठीक कहा करते थे

है चाल में तेरी, ज़ालिम, कुछ ऐसी बला का जादू
१०० बार सँभाला दिल को, पर होके रहा बेक़ाबू

तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?

ये चाँद सा रोशन चेहरा
ज़ुल्फ़ों का रंग सुनहरा
ये झील सी नीली आँखें
कोई राज़ है इनमें गहरा

तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?
तारीफ़ करूँ क्या उसकी, जिसने तुम्हें बनाया?

जिसने तुम्हें बनाया
जिसने तुम्हें बनाया

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