Mika Singh – Dhingana Lyrics

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आज इधर, आज उधर
ज़िन्दगी है एक सफ़र
काँच की बोतल में बसे
मेरे ख़्वाबों का शहर

थोड़ी गुन है, थोड़ा सबर
थोड़ा दुआओं का असर
और बेहिसाब जिगर
फिर किस बात का डर?

फ़र्ज़ी, दुनिया है फ़र्ज़ी टेढ़ी जब कर दी
उँगली तो सीधी चली
मर्ज़ी, अपनी मर्ज़ी जब हद कर दी
किस्मत गले लगी

धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना
धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना
धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना
धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना

बंदा ना तेरा रुके, ना रुके-रुके
कर्ज़ा करम का चुके, हाँ, चुके-चुके

हे, बंदा ना तेरा रुके, ना रुके-रुके
कर्ज़ा करम का चुके, हाँ, चुके-चुके
इतना रहम कर खुदा, हो, मेरे खुदा
दिल ना किसी का दुखे, ना दुखे-दुखे

सारी दुनियादारी अपना माने
माने बस दिल जो कहे
बारी, अपनी बारी आ के रहेगी
जान रहे या ना रहे

धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना
धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना
धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना
धिंगाना, धिंगाना, धंधे का धिंगाना

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