चाँद से पर्दा कीजिए
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिए
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिए
ज़ुल्फ़ों से उड़ी ख़ुशबू प्यार की
होंठों पे खिल गईं कलियाँ बहार की
होंठों पे खिल गईं कलियाँ बहार की
फूल से पर्दा कीजिए
हाँ, फूल से पर्दा कीजिए
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिए
लगती हो किसी शायर का ख़याल
ऐसी सादगी तो है ख़ुद में बेमिसाल
ऐसी सादगी तो है ख़ुद में बेमिसाल
ख़ुद से पर्दा कीजिए
हाँ, ख़ुद से पर्दा कीजिए
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिए
हँस दें आप 'गर, बन जाए दास्ताँ
हँस दें आप 'गर, बन जाए दास्ताँ
पलकें जो झुकी कहीं, झुक जाए आसमाँ
पलकें जो झुकी कहीं, झुक जाए आसमाँ
रब से पर्दा कीजिए
हाँ, रब से पर्दा कीजिए
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
चाँद से पर्दा कीजिए
हाँ, चाँद से पर्दा कीजिए
कहीं चुरा ना ले चेहरे का नूर
ऐ मेरे हमनवा, ऐ मेरे हुज़ूर
Comments (0)