नाम जब लिया मैंने तेरा
दिल ने कोई फ़रमाइश भी तो की होगी
हम पास नहीं तो क्या हुआ?
तूने मिलने की ख़्वाहिश तो की होगी
याद तेरी बस लगती दुआ सी यूँ
रातों को जैसे सुबह
याद तेरी बस लगती दुआ सी यूँ
रातों को जैसे सुबह
तेरे-मेरे रास्ते ये मिल गए जो कहीं
फिर नज़रें उन रास्तों से हटती ही नहीं
जिस्म था मैं और तू रूह, घुल सा गया ये दिल
रू-ब-रू जो हुआ तू, तुझमें हुआ मैं शामिल
ओ, याद तेरी बस लगती दुआ सी यूँ
रातों को जैसे सुबह
याद तेरी बस लगती दुआ सी यूँ
रातों को जैसे सुबह
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