Badshah – Tabahi Lyrics

छू ले तू तो होती तबाही

पानी से ज़्यादा प्यास है तेरी
हालत क्या कर दी तूने मेरी
आ के भर ले मुझको बाँहों में
साँसें निकल ना जाएँ मेरी

दिलरुबा मेरी, महबूबा मेरी
आँखों में तेरी दिल मेरा डूबा

बाक़ी कुछ ना देता दिखाई
ज़ुल्फ़ें जब तूने गिराईं
देखे तू तो हो जाऊँ पागल
छू ले तू तो होती तबाही

आँखों में कैसी कसक है
मुझको बस तेरी सनक है
परवाने भी देते गवाही
छू ले तू तो होती तबाही

छू ले तू तो होती तबाही
छू ले तू तो होती तबाही

कब तक करूँ मैं तेरे ਤਰਲੇ?
जो भी करना चाहती है, कर ले
दुनिया मरती फ़िरती है हम पे
तू भी थोड़ा-थोड़ा तो मर ले

ओ, मेरे सनम, अब निकले है दम
ये तेरे करम
मरने से बस इतना सा दूर हूँ मैं

कुछ भी नही चाँद और सितारे
चेहरे के आगे तुम्हारे
तुझसे दूर रह के भलाई
छू ले तू तो होती तबाही

सर पे बस तेरा जुनूँ है
तू आफ़त, तू ही सुकूँ है
परवाने भी देते गवाही
छू ले तू तो होती तबाही

छू ले तू तो होती तबाही
It's your boy...
दिलरुबा मेरी, महबूबा मेरी
आँखों में तेरी दिल मेरा डूबा

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