Arijit Singh – O Maahi Lyrics

यारा तेरी काहनी में, जो ज़िक्र तेरा
कहीं तेरी खामोशी में, हो फ़िकर मेरा
रुख़ तेरा जिधर का हो, हो उधर मेरा
तेरी बाहों तलक ही है, ये सफ़र मेरा
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही
मेरी वफ़ा पे हक़ हुआ तेरा, ओ माही-माही वे
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही
लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा
लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा

Hmm, बातों को बहने दो, बाहों में रहने दो, है सुकून इन में
रस्ते वो बेगाने, झूठे वो अफ़साने, तू ना हो जिन में
हो, थोड़ी उमर है, प्यार ज़्यादा मेरा
कैसे बता ये सारा तेरा होगा
मैंने मुझे है तुझको सौपना
आहों पे, बाहों पे, राहों-तनाहों पे
आहों पे, बाहों पे, साँहों-सलाहों पे
मेरे इश्क़ पे हक़ हुआ तेरा, ओ माही-माही वे
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही
लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा, ओ माही-माही वे
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही (ओ माही, माही)
ओ माही, ओ माही, ओ माही, ओ माही (ओ माही, माही)
मेरी वफ़ा पे हक़ हुआ तेरा
लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा
लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा, लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा
मेरे इश्क़ पे हक़ हुआ तेरा, लो मैं क़यामत तक हुआ तेरा
ओ माही, माही रे
ओ माही रे

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