Arijit Singh – First Class Lyrics

मेरे होंठों से धुआँधार निकलती है जो बोली
जैसे, जैसे बंदूक की गोली
मेरे तेवर में है तहजीब की रंगीन रंगोली
जैसे, जैसे हो ईद में होली

मेरे होंठों से धुआँधार निकलती है जो बोली
जैसे, जैसे बंदूक की गोली
मेरे तेवर में है तहजीब की रंगीन रंगोली
जैसे, जैसे हो ईद में होली

मेरे जीवन की दशा
थोड़ा रस्तों का नशा
थोड़ी मंज़िल की प्यास हैं

बाक़ी सब first class है
बाक़ी सब first class है
बाक़ी सब first class है
हाँ, क़सम से
बाक़ी सब first class है

पल में तोला, पल में माशा
जैसी बाज़ी वैसा पाषा
अपनी थोड़ी हटके दुनियादारी है

करना क्या हैं चाँदी-सोना?
जितना पाना, उतना खोना
हम तो दिल के धंधे के व्यापारी है

मेरी मुस्कान लिए
कभी आती हैं सुबह
कभी शामें उदास हैं

बाक़ी सब first class है
बाक़ी सब first class है
बाक़ी सब first class है
हाँ, क़सम से
बाक़ी सब first class है

हो, सब के होंठों पे चर्चा तेरा
बँटता गलियों में पर्चा तेरा
यूँ तो आशिक़ हैं लाखों, मगर
सब से ऊँचा है दर्जा तेरा

जेब में हो अठन्नी भले
चलता नोटों में खर्चा तेरा
यूँ तो आशिक़ हैं लाखों, मगर
सब से ऊँचा है दर्जा तेरा
सब से ऊँचा है दर्जा तेरा

मेरी तारीफ़ से छुपती फिरे बदनामियाँ मेरी
जैसे, जैसे हो आँख-मिचौली
मेरे तेवर में है तहजीब की रंगीन रंगोली
जैसे, जैसे हो ईद में होली

मेरे जीवन की दशा
थोड़ा रस्तों का नशा
थोड़ी मंज़िल की प्यास हैं

बाक़ी सब first class है
बाक़ी सब first class है
बाक़ी सब first class है
हाँ, क़सम से
बाक़ी सब first class है, हाँ

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