जाने दो करलू में इक़्क़ार
कैसा मेरा प्यार कैसा ये नशा
जाने दो बाकी दुनिया
तेरा ये समाः
है मेरा यह जहाँ
तेरी हर झलक बेधड़क
ढूंडे मुझको यूँ पुच्छे क्यूँ
मैने अब तक तुझे ये ना कहाँ
क्यूँ तेरी आँखो ने छोटी मोटी बातों ने
दिल पे मेरे ऐसे जाना क़ब्ज़ा हैं किया
बीती हुई रातों में सारी मुलाक़ातों मैं
हर पल हर लम्हा में मैं खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
है दूरी क्यूँ
पास आके मुझे को तू बतादे
तेरे राज सारे (राज सारे)
नादान यह दिल
हर मुश्किलों में तुझको ही पुकारे
ढूंढे बहाने
ऐसे बेवजह हर समाः
में क्यूँ तेरे ही गीत गुनगुनाऊं
ये कैसा है नशा
तेरी हर झलक बेधड़क
ढूंडे मुझको यूँ पुच्छे क्यूँ
मैने अब तक तुझे ये ना कहाँ
क्यूँ तेरी आँखो ने छोटी मोटी बातों ने
दिल पे मेरे ऐसे जाना क़ब्ज़ा हैं किया
बीती हुई रातों में सारी मुलाक़ातों मैं
हर पल हर लम्हा में मैं खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
हो -हो खोया हूँ पिया
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