Akashdeep Sengupta – Aur Tanha Lyrics

तू ही तो है
तू ही तो है
जो हंसते हंसते आँखें भर सकती है
अब इतनी तो पहचान हो गयी
नहीं है तो नहीं है तू
अब छोड़ा है तो
सच में छोड़ दे मुझको

क्यूँ हर पल की मेहमान हो गयी
मैं यूँ तन्हा जीता हूँ
जैसे कोई मरता
ये भी कोई होना है
जो है आँखें भरता
यूँ तेरा होना भी
और तन्हा करता

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