नूर तेरा आसमान ओ
मुझ पर आज ऐसा गिरा
मैं घुला हूँ तुझमे यूँ
तेरे रंगों में रंग है मेरा

किस्मत ने पीछे खींचा
तो गुलेल मैं बन गया
दरवाज़े ना मिले तो
बन जाती हैं ये खिड़कियाँ

मिला है पंछी गगन से
टूटा है पिंजरा कोई
उड़ा है दिल का परिंदा
इसे आयी है खुशबू नयी

बहा है कुछ तो रागों में
कोई ज़िदा हुआ है कहीं
उड़ा है दिल का परिंदा
इसे आयी है खुशबू नयी

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