हम नहीं तेरे दुश्मनों में
हम नहीं तेरे दुश्मनों में
क्यूँ हमको दीवाना बनाया, बनाया
क्यूँ हमको दीवाना बनाया
हम तो हैं तेरे दोस्तों में
हम तो हैं तेरे दोस्तों में
क्यूँ तूने दिल चुराया, चुराया
क्यूँ तूने दिल चुराया
हम कहीं १ दिन यूँ यक-बयक मिल गए थे
इश्क़ के, प्यार के मस्ताने गुल खिल गए थे
फासले मीट गए, नज़दीक आने लगे हम
बेखुदी यूँ बढ़ी साँसों पे छाने लगे हम
हम नहीं तेरे कातिलों में
हम नहीं तेरे कातिलों में
क्यूँ ज़ुल्फ़ों में हम को फसाया, फसाया
क्यूँ ज़ुल्फ़ों में हम को फसाया
हाँ, हम तो हैं तेरे दोस्तों में
हम तो हैं तेरे दोस्तों में
क्यूँ तूने दिल चुराया, चुराया
क्यूँ तूने दिल चुराया
ये मेरा दिल गया बस दिलगी-दिलगी में
भूल के २ जहाँ डूबा तेरी आशिक़ी में
सोचता हूँ सनम इकरार कैसे करूँ मैं
प्यार के दर्द का इज़हार कैसे करूँ मैं
हम तो है तेरी धड़कनों में
हम तो है तेरी धड़कनों में
क्यूँ दर्द-ए-जिगर को बढ़ाया, बढ़ाया
क्यूँ दर्द-ए-जिगर को बढ़ाया
हम नहीं तेरे दुश्मनों में
हम नहीं तेरे दुश्मनों में
क्यूँ हमको दीवाना बनाया, बनाया
क्यूँ हमको दीवाना बनाया
चाहते सब जिसे मैं वो हसीन चाँदनी हूँ
ये तो बस जाने रख किसके लिए मैं बनी हूँ
आरज़ू क्या कहें समझो ज़रा तुम इशारे
प्यार के खेल में जीते कोई हारे
हम तो हैं तेरे बाजूओं में
हम तो हैं तेरे बाजूओं में
क्यूँ इल्जाम हम पे लगाया, लगाया
क्यूँ इल्जाम हम पे लगाया
हम नहीं तेरे दुश्मनों में
हम तो हैं तेरे दोस्तों में
क्यूँ हमको दीवाना बनाया, बनाया
क्यूँ हमको दीवाना बनाया
क्यूँ तूने दिल चुराया, चुराया
क्यूँ तूने दिल चुराया
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