Aamir Khan – Lalkaar Lyrics

है लिए हथियार दुश्मन ताक में बैठा उधर
और हम तैयार है सीना लिए अपना इधर
खून से खेलेंगे होली 'गर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हाथ जीन में हो जूनूँ कटते नहीं तलवार से
सर जो उठ जातें हैं वो झूकते नहीं ललकार से
हाथ जीन में हो जूनूँ कटते नहीं तलवार से
सर जो उठ जातें हैं वो झूकते नहीं ललकार से

और भड़केगा जो शोला सा हमारे दिल में हैं
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

हम तो घर से निकले ही थे बाँध कर सर पे कफ़न
चाहतें ली भर लिए, लो भर चले हैं ये क़दम
ज़िन्दगी तो अपनी मेहमाँ मौत की महफ़िल में हैं
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

दिल में तूफ़ानों की टोली और नसों में इंक़लाब
होश दुश्मन के उड़ा देंगे हमें रो को ना आज
दूर रह पाएँ जो हम से दम कहाँ मंज़िल में हैं
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

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