Aadya – Kahaani Lyrics

(तेरी-मेरी आदतें)

बहके-बहके हैं क्यूँ हम यहाँ
बहकी तेरी-मेरी आदतें
(तेरी-मेरी आदतें)

बातें जो तू कह गया
ना जाने क्यूँ रहीं यहाँ
रातें मेरी लापता

ना जाने क्यूँ जगा हुआ है मेरा आसमाँ यूँ
सो रही तेरी वफ़ा, सो रहा ये शहर क्यूँ?
ना जाने क्यूँ जगा हुआ है मेरा आसमाँ यूँ
हो वजह, मुझे बता, हूँ जगी मैं यहाँ क्यूँ?

खोई-खोई ख़्वाहिशों की वो नादानी
तेरी-मेरी ये कहानी, ये कहानी

है लापता जो ना कहा
है लापता, कह दो ना ज़रा

झूठी सी जो राहतें तू दे गया मुझे यहाँ
झूठी थी वो दास्ताँ
गुमसुम सा जो था जहाँ, ना जाने क्या कह गया
मिलना था वो बेवजह

ना जाने क्यूँ जगा हुआ है मेरा आसमाँ यूँ
सो रही तेरी वफ़ा, सो रहा ये शहर क्यूँ?

है लापता जो ना कहा
है लापता, कह दो ना ज़रा

खोई-खोई ख़्वाहिशों की वो नादानी
तेरी-मेरी ये कहानी, ये कहानी

है लापता जो ना कहा
है लापता, कह दो ना ज़रा
है लापता जो ना कहा
है लापता, कह दो ना ज़रा

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